Mar 01, 2024
प्रेम

' रक्षाबंधन '

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' रक्षाबंधन '

तार  बोला, हम रात भर जागते  थे ,कभी पैदल तो कभी

सायकल पर भागते थे ,धीरे धीरे हम अपनी अर्जंसी खो गये

       लिफाफा बोला बहनसे

अगस्त मे भी याद नही करोगी, अपने चंदा जैसे भैया को

राखी नही भेजोगी,

बहन बोली अरे लिफाफे, मुझे तेरी दया आती है,

पर मेरे भैया की राखी आज कुरिअर से जाती है


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