Mar 02, 2024
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बच्चे के लिये हिंदी मे नैतिक कहानिया -moral stories in Hindi for kids

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बच्चे के लिये हिंदी मे नैतिक कहानिया -moral stories in Hindi for kids


Moral stories in hindi for kids

इस ब्लॉग में आपको हिंदी में नैतिक कहानियों moral stories for kids in hindi के बारे में जानकारी मिलेगी। यहां पर आपको मनोहारी और सीखदायक कहानियाँ short moral stories for kids in hindi पढ़ने को मिलेंगी, जो हमारी आदर्शवादी विचारधारा और सभ्य संस्कृति को प्रकट करेंगी। ये कहानियाँ हमें न सिर्फ रोचकता प्रदान करती हैं, बल्कि हमारे जीवन में नैतिक मूल्यों stories in hindi for kids with moral की अहमियत को भी जागृत करती हैं। इस ब्लॉग moral story in hindi for kids के माध्यम से हम एक अच्छे इंसान बनने के मार्गदर्शन को प्राप्त करेंगे और समाज में बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। इसलिए, चलिए इस मजेदार और प्रेरणादायक सफर में शामिल हों और इन नैतिक कहानियों का आनंद लें।


1. राजू (moral story in hindi for kids)


एक लड़के का नाम राजू था। वह बहुत सुस्त था। वह समय पर उठना नहीं चाहता था, ब्रश करने से ना करता था, नहाने में हिचकिचाता था। उसकी माँ उसे हमेशा डांटती रहती थी, लेकिन वह सुनता नहीं था। एक दिन, वह अपने दोस्तों के साथ एक घर के बाहर खेल रहा था। अचानक एक देवी आई और बोली कि मेरे पास एक जादू का छड़ी है। मैं तुम्हें वही दूंगी जो तुम चाहोगे। लेकिन मैं एक ही बच्चे को दे सकती हूं। सभी बच्चे बोले, "मुझे चाहिए, मुझे चाहिए।" वह ने एक शर्त रखी, जो बहुत साफ बच्चा  होगा ऊसेही मिलेगा । राजू ने खुद को देखा। उसके कपड़े और बाल गंदे थे, उसके दांत पीले थे। तो देवी ने उसे कुछ नहीं दिया। वह रोने लगा और घर चला गया। उसकी माँ ने पूछा कि क्या हुआ, तो वह सब कुछ बताया। माँ ने कहा, अब तू अपनी सुस्ती छोड़ दे और साफ रह। राजू को एहसास हुआ कि वह कितना सुस्त था। वह साफ रहना शुरू कर दिया। नियमित रूप से ब्रश करने लगा, नहाने लगा। एक दिन उसने अपने बिस्तर पर कई उपहार पाए। वह हैरान हुआ, माँ ने कहा कि उसने साफदिली बरती है, इसलिए देवी ने उसे उपहार भेजे हैं। राजू को एहसास हुआ कि सुस्ती छोड़ना और साफ रहना कितना महत्वपूर्ण है।

2. चीता और घोड़ा की प्रतिस्पर्धा" -Moral story in hindi for kids.


जंगल के घोड़े को देखकर अन्य जानवर बहुत परेशान थे। उनका अंदाज़ा था कि घोड़ा वाकई में सबसे तेज़ दौड़ने वाला जानवर है। वह हमेशा चीता की शान में कटाक्ष करता और उसे चुनौती देने के लिए बुलवाता।
एक दिन, जंगल में अद्भुत खबर फैली कि एक महान सामरिक प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में सभी जानवर भाग लेने के लिए आमंत्रित थे। इसकी सुनते ही चीता के होश उड़ गए और वह बड़ी उम्मीद से अपनी तैयारियों में जुट गया।

वहाँ पहुंचते ही, देखते ही देखते सभी जानवर एक साथ उठते हुए चले आए। चीता, वारानसी, हाथी, खरगोश, साँप, सियार और अन्य जानवर सभी ताकतवर लग रहे थे। घोड़ा भी वहाँ मौजूद था और उसने देखा कि उसका प्रतियोगी जितना दिलचस्प और मजबूत था।

प्रतियोगिता का आगाज हुआ और सभी जानवर एक चक्र में घूमने के बाद एक साथ दौड़ने लगे। वहाँ एक साथ इतने उत्साहित और मेहनती जानवर देखकर चीता को भी बड़ा आदर्श लगने लगा।

जब प्रतियोगिता का समापन हुआ तो सबको हैरानी हुई क्योंकि चीता ही जीत गया था। वे सभी देख रहे थे कि इतनी कम समय में चीता ने लक्ष्य तक पहुंच जाने के लिए कितना धांसू दौड़ा। घोड़ा बहुत ही हैरान हो गया क्योंकि उसे सचमुच पता चला कि वह आदेश जमाने के बजाय अपनी कुशलताओं के बदले प्रशंसा करनी चाहिए थी।

चीता की जीत ने सभी को एक महत्वपूर्ण सीख दी - गर्व करने की जगह मेहनत को महत्व देना चाहिए। हमेशा अपनी मेहनत और कुशलताओं पर विश्वास रखें और दूसरों के साथ सहयोग और सम्मान का आदान-प्रदान करें। घोड़ा ने अपनी भूल समझी और उसने इस अनमोल सीख को अपने जीवन में स्थान दिया। जंगल के सभी जानवर एक-दूसरे के साथ खुशहाली से रहने लगे और उन्होंने अपने सपनों की पूर्ति के लिए साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया।

3. अद्भुत जादूगर की कहानी
moral stories for kids in hindi

एक समय की बात है, एक छोटी सी लडकी मीना थी। उसे पढ़ाई करने का मन नहीं था। उसके अध्यापक और माता-पिता हमेशा उसे पढ़ाई करने के लिए कहते थे, लेकिन वह सुनती नहीं थी। एक दिन, क मीना अपने मित्रों के साथ पार्क गई। वह बहुत खुश थी। वह अचानक उस जादुई मशीन की ओर देखने लगी। सभी बच्चे एक बोर्ड पर अपनी पसंदीदा चॉकलेट के नाम को लिखने लगे। वह अपनी पसंदीदा चॉकलेट का नाम लिखने के लिए बोर्ड के पास गई, लेकिन उसे वह सही रूप में नहीं लिखने की जानकारी थी। उसने चॉकलेट के नाम की गलत वर्तनी लिख दी। मशीन चली गई लेकिन चॉकलेट नहीं मिली। मीना चिंतित हो गई और रोने लगी।

उसके माता-पिता ने उसे देखा और पूछा, "क्या हुआ मेरे बेटे? क्यों रो रही हो?" मीना ने रोते हुए सब कुछ बताया। उसकी माता ने कहा, "अब तुझे समझ आ गया है कि पढ़ाई करना कितना महत्वपूर्ण है। अगर तू अपने पढ़ाई का ध्यान नहीं देगी, तो तू सही रूप से कुछ लिखने में असमर्थ रहेगी।" मीना ने यह समझा कि पढ़ाई करना कितना महत्वपूर्ण है। वह रोने से बंद कर दी और वादा किया कि वह हमेशा पढ़ाई करेगी।

इस कहानी से हमें यह सबक मिलता है - हमेशा अपने पढाई पर ध्यान देना चाहीये. माता-पिता का सम्मान करना चाहिए।

4. शीर्षक: "दूध पीना सीखो - एक सच्ची कहानी"
moral stories for kids in hindi

एक बार की बात है, गोलू और राहुल दोनों एक ही गांव में रहते थे। गोलू को दूध पीने की आदत नहीं थी। वह दूध को चिढ़ाता और इससे दूर रहता था। लेकिन उसका दोस्त राहुल बहुत ही प्यार से दूध पीता था और उसे बहुत अच्छा लगता था।

एक दिन, गोलू और राहुल पार्क में खेल रहे थे। तभी वहाँ से एक राक्षस आ गया। राक्षस बड़ा और डरावना दिख रहा था। गोलू डर गया और पीछे हट गया। लेकिन राहुल बहुत ही बहादुर था। उसने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके राक्षस के पास जाकर उसे बाहर कर दिया। गोलू हैरान हो गया और पूछा, "तुमने उसे कैसे निकाला?" राहुल ने हंसते हुए कहा, "क्योंकि मैं दूध पीता हूँ, इसलिए मुझे बहुत ताकत मिली है।"

गोलू ने समझा कि दूध पीना कितना महत्वपूर्ण है। उसने इस बात को मान लिया और उसने भी दूध पीना शुरू कर दिया। वह दूध का सेवन करके अपनी शक्ति बढ़ाने लगा।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है - हमेशा अपनी सेहत के लिए अच्छी आदतें पालन करना चाहिए। दूध जैसे उपयोगी पदार्थों का सेवन करना हमें ताकत और शक्ति प्रदान करता है। हमेशा अपनी माता-पिता और दोस्तों की सलाह को मानना चाहिए और अच्छी आदतें अपनाने का प्रयास करना चाहिए।

5. शेर और बाघ: जंगल के राजा की परीक्षा - नैतिक कहानी (Lion and Tiger: The Test of the Jungle King - A Moral Story)

बहुत समय पहले, एक जंगल में सिंह और बाघ के बीच एक लड़ाई हुई। दोनों अपनी ताकत पर गर्व कर रहे थे और झगड़ रहे थे कि कौन जंगल के राजा है। अचानक वहाँ एक बंदर आया। उसने एक समाधान ढूंढ़ा, उसने कहा, "चलो, हम जंगल का आधा हिस्सा सिंह को और दूसरा आधा हिस्सा बाघ को देते हैं। जिसे अपना हिस्सा बचाना होगा, वही जंगल का राजा माना जाएगा।" सभी इस समझौते से सहमत हो गए।

बाघ अपने हिस्से में खेल रहा था। लेकिन उसने दूसरे जानवरों को परेशान करना शुरू कर दिया। वह बार-बार कहता था, "मैं हूँ जंगल का राजा, मेरी आदेशों का पालन करो।" वह किसी की सहायता नहीं करता था।

लेकिन दूसरी तरफ, सिंह हमेशा अपने जानवर मित्रों की सहायता करता था। वह कभी किसी को परेशान नहीं करता था। सभी उसे पसंद करने लगे।

एक दिन, बंदर ने सभी जानवरों को बुलाया और कहा, "हमने सिंह और बाघ की परीक्षा ली है। बाघ ने अपने जानवर मित्रों को परेशान किया, लेकिन सिंह हमेशा दूसरों की मदद की। सिंह कभी गर्व महसूस नहीं किया और हमेशा दूसरे जानवरों के साथ स्वस्थ संबंध बनाए रखा। इसलिए वह अब जंगल का राजा है।" बाघ ने अपनी गलती को समझा।

मोरल: नेता हमेशा अपनी टीम का ध्यान रखता है।
यह कहानी से हमें यह सिख मिलती है - हमेशा उन लोगों का ध्यान रखना चाहिए जो हमारे साथ काम कर रहे हैं और हमारे टीम के हित में काम कर रहे हैं। नेता वह होता है जो सभी की सहायता करता है, गर्व महसूस नहीं करता है, और स्वस्थ संबंध बनाए रखता है।
 

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