Oct 26, 2020
स्पर्धा

खुशियां क्या हैं !

Read Later
खुशियां क्या हैं !

ख़ुशी क्या हैं ? ( आरती पाटील )


इन्सान अपने सोच के हिसाबसे ख़ुशी की व्याख्या करता हैं ! कभी कभी बडी बडी चिजोसे भी इन्सान को ख़ुशी नही मिलती ! तो कभी कभी इन्सान छोटी छोटी बातो में भी खुशियां धुंड लेता हैं ! 

अमीर के पास पैसो, धन - संपत्ती के भंडार होते हुये भी खुशियां पाने के लिये बाहर जाना पडता हैं ! तो गरीब दिनभर  बाहर काम करके घर जाने की जल्दी करता हैं, क्यूँ की उन्हे घरवलो के चेहरे देख के ख़ुशी मिलती हैं ! 

कुछ लोग पुरा जीवन कमाई करने में बिता देते हैं ! जीवन जिना जैसे भूल ही जाते हैं ! तो कोई जिंदगी हर एक पल में जिता हैं ! खुशियां हर कोई अपने हालातोसे तोलता हैं ! बाते अगर अपने मन के हिसाबसे हो तो खुशियां और ना हो तो नाराजी ! 

खुशियां किसीको लाखो के गिफ्ट में खुशियां मिलती हैं ! तो कोई सुंदर फुलों में ख़ुशी खोज लेता हैं ! कोई रातको लाखो पैसे उडा ने को ख़ुशी मानता हैं ! तो कोई उसी रात में चाँद की रोशनी में शांती आणि दिल का सुकून पाता हैं ! 

छोटे बच्चे को अपनी माँ के गोद में ख़ुशी मिलती हैं ! तो जब बच्चे बडे हो जाते हैं तो, माँ के साथ पहले जैसे खुशियां नही बाटते ! खुशियां अपने वृत्ती पर भी निर्भर करता हैं ! किसीको बंगले में भी निंद नही आती, तो कोई झोपडी में भी सुकून भरी निंद पाता हैं !  

हरियाली से भरे खेत देख किसानों को ख़ुशी मिलती हैं, कोयल ख़ुशीसे झूम उठती हैं ! तो कोई बारिश से घर में पाणी भरने से परेशान होता हैं !

खुशियां कभी 'तेरी कभी मेरी होती हैं ! दिल के संवेदना से जुडे होते हैं !